समुद्र तल से 3858m  की height पर स्थित फूलों की घाटी (Valley of Flowers ) Uttarakhand के चमोली जिले में स्थित है. हिमालय की गोद में बसी यह घाटी तकरीबन 87km के area में फैली हुई है।

Valley of Flowers National Park in Uttarakhand

वर्ष 1982 में राष्ट्रीय उद्यान ( National Park ) घोषित कर दिया गया था। चारो ओर ऊँचे पर्वत ऐसा लगता है कि सब इसकी खूबसूरती को निहार रहे हों यूँ तो महाभारत काल से हीं फूलों की घाटी नंदन वन के नाम से भी जाना जाता था फिर भी अगर वर्तमान काल में आधुनिक फूलों की घाटी की खोज की बात करें तो इसकी खोज 1931 में प्रसिद्ध पर्वतारोही फ्रैंक एस स्मिथ और उनके साथी आर एल होल्डसवर्थ ने कराया था ।एस स्मिथ ने इस रमणीय स्थल पर एक पुस्तक  the   Valley of Flowers लिखी थी । और इस तरह यह घाटी दुनिया के नज़र में आया ,तो इसी प्रकार Valley of Flowers National Park की खोज हुई, और इस कदर प्रसिद्ध हुई कि हर साल दुनिया भर से न जाने कितने यात्री इसकी खूबसूरती को निहारने पहुंचते हैं।

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Valley of Flowers में पायी जाने वाली फूलों की species

नवम्बर से मई के Middle month में घाटी में सामान्यतः Snow रहती है। जुलाई एवं अगस्त माह के दौरान  Alpine के जड़ की छाल की पंखुडियों में रंग छिपे रहते हैं। भिन्न भिन्न प्रकार के फूलों वाली इस घाटी में करीब 500 प्रकार के फूल पाए जाते हैं, जो कि अपने आप में अदभुत है । यहाँ सामान्यतः पाये जाने वाले फूलों के पौधों में Braham kamal, Geranium, Marsh marigold, Prinula, Potentilla, Geum, Asters, Lilium, Ranunculus, Corydalis, Inula, Campanula, Pedicularis, Morina, Impatiens, Bistorta, Arisaema, Ligularia, Anaphalis, Thermo- psis, Saxifrages, Sibbaldia, Trollius, Codonopsis, Dactylorhiza, Cypripedium, Strawberry, Epilobium, Rhododendrons इत्यादि प्रमुख हैं।

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The story behind the Valley of Flowers

ऐसा कहा जाता है कि Valley of Flower  का संबंध रामायण से है । रामायण में ज़ब भगवान श्री राम कुम्भकर्ण का वध के देते हैं तो रावण बोखला जाता है और मेघनाथ को कुम्भकर्ण का बदला लेने भेजता है।  मेघनाथ राम सेना को बहुत परेशान करता है, और इसलिए लक्ष्मण मेघनाथ से युद्ध करने जाते हैं। युद्ध में मेघनाथ द्वारा ब्रह्मास्त्र का प्रयोग किया जाता है और प्रभु लक्ष्मण मूर्छित हो जाते हैं। लक्ष्मण को बचने के लिए हनुमान हिमालय के पर्वत पर संजीवनी लेने पहुंचते हैं, कहा जाता है कि यह वही पर्वत था जहाँ हनुमान संजीवनी खोजते हुए पहुंचे लेकिन इतने सारे फूलों को देख वो अचम्भे में पड़ गए और पूरा पर्वत उठा ले गए . यह घाटी उसी पर्वत का बचा हुआ एक हिस्सा है।

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How To Reach “Valley Of Flower “

By Air :- Jolly Grant Airport in Dehradun सबसे नजदीकी एयरपोर्ट है ।

By Train :- Rishikesh रेलवे स्टेशन सबसे नजदीकी रेलवे स्टेशन है ।

By road :- जोशीमठ से गोबिंदघाट पहुंचने के लिए 1घंटे का समय लगता है. गोविंदघाट से 4km दूर पुलना गाँव, आखिरी गाँव है जहाँ तक सडक है. यहाँ से आप पैदल आराम से जा सकते हैं ।

2 Replies to “Valley of Flowers Uttarakhand”

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