दोस्तों बहुत जल्द रंगों का त्यौहार यानि होली आने वाला है, कहा जाता है कि इस दिन लोग दुश्मनों से भी गले मिलते हैं । अपने घरो से दूर रह रहे लोग इस दिन हर हालत में घर पहुंचकर अपनों के बीच ये त्यौहार मानते हैं ,लेकिन अगर इस होली में आप कुछ अलग करना चाहते हैं तो हम आपको बता देते हैं कुछ ऐसी जगहों के बारे में जहाँ आप बहुत enjoy करेंगे जितना enjoy आपने जीवन में कभी नहीं किया होगा ,भारत के अलग अलग हिस्सों में होली के निराले रंग हैं। इनमे से एक है बरसाने की लठमार होली (barsane ki lathmar holi ).

people enjoying holi
Image source :- Google ( people enjoying holi )

नन्द गांव और बरसाने की “लठमार होली “2020 ( barsane ki lathmar holi )

सबसे पहले हम बात करना चाहेंगे “बरसाने की लठमार होली (barsane ki lathmar holi )” कि….. बरसाने में होली में दिन की शुरुआत ,रंग और आनंद में सराबोर होली मानाने और गीतों में झूमते ब्रजवासी  जा रहे हैं राधा रानी के गांव बरसाने।

दरअसल barsane ki laathmar holi कि तैयारी हो रही हैं , नन्द गांव में जहाँ भगवान कृष्ण ने अपना बचपन गुज़ारा था । भारत में मशहूर बरसाने कि होली कि शुरुआत होती हैं नन्द गांव से और नन्द गांव के नंदबाबा के मंदिर से सभी लोग यानि हुरियार निकलते हैं लठमार होली खेलने के लिए  बरसाने ।

ये लोग अपनी पारम्परिक वेश भूषा के साथ एक अनोखी थाल / ढाल अपने साथ रखते हैं जो नन्द गांव के बाजार से बनती हैं और लोग इसका इस्तेमाल करते हैं । फिर नन्द बाबा के मंदिर में आशीर्वाद ले कर ये हुरियारे जुड़ते हैं नन्द गांव के एक खास चौपाल पर, उनका मानना हैं कि” नंदबाबा यशोदा मैया से आज्ञा लेते हैं कि कृष्ण और  बलराम को लेकर हम बरसाना होली खेलने जा रहे हैं । “

nand baba ka mandir
Image source :- Google ( nand baba ka mandir )

एक लाल triangular flag जो हुरियारों कि पहचान हैं उसे लेकर ये सब पहुँचते हैं संकेतवन के राधा रमन के मंदिर में , संकेतवन -राधा और कृष्ण कि अलौकिक प्रेम स्थली हैं जहाँ उनका पहला मिलन हुआ था । इस मंदिर का अपना एक सांस्कृतिक महत्त्व हैं । जहाँ भगवान के लिए 56 भोग का प्रसाद बना रहता हैं ।

Priyakund in Barsana
Image source :- Google प्रियाकुण्ड (priyakund)

उसके बाद प्रियाकुण्ड में  हुरियारे (local peoople) नन्द गांव से रुकते हैं । इसी कुंड के पास सभी हुरियारे लठमार होली (lathmar holi ) में शामिल होने के लिए सजते संवरते हैं । प्रियाकुण्ड में हर कोई आनंद में सराबोर रहता हैं  होली के मस्ती में श्रद्धालु और पर्यटक गाते और झूमते हैं ।

barsane ki lathmar holi
Image source :- Google ( barsane ki lathmar holi )

इसके बाद यहाँ बरसाने के मंदिर में जाते हैं । जहाँ पर पूरे भारत में मशहूर लठमार होली खेली जाती हैं  । लहंगा पहनकर और 16 श्रृंगार कर सजी धजी हुरियारिन (local people) ,हुरियारों से हंसी ठिठोली कर लठ बरसाना शुरूकर देती हैं ।

Holi in Barsana
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लठमार होली जहाँ राधा और कृष्ण कि प्रेम कि निशानी हैं वहीँ सामाजिक सरोकार और प्यार का सन्देश देने वाला पर्व भी । ब्रज में वैसे भी खास मस्ती भरी होती हैं ,क्यूंकि इसे कृष्ण और राधा के प्रेम से जोड़कर देखा जाता हैं । माना जाता हैं, कि कन्हैया अपने सखाओं के साथ  राधा रानी और उनकी सखियों से होली खेलने पहुँचते थे और उनके साथ हंसी ठिठोली भी करते थे और राधा रानी और उनकी सखियाँ ग्वालपालों पर ऐसे हीं डंडे बरसाया करती थी । इससे बचने के लिए कृष्ण और उनके दोस्त ढालों और लाठी का प्रयोग करते थे। यहाँ के लोगों का मानना हैं कि तभी से ये परंपरा चली आ रही  हैं । आज तक नहीं बदला है और तब से आज तक यहां लठमार होली खेली जाती है। इस अवसर पर नंदगांव के पुरूष और बरसाने की महिलाएं मुख्य रूप से भाग लेते हैं।

people enjoying lathmar holi
Image source :- Google ( people enjoying lathmar holi )

यहाँ आकर होली का आनंद लेने का अपना हीं अलग मज़ा हैं, तो इस बार जरूर जाएं बरसाने की अनोखी होली का आनंद लेने ।

Holi festival date and timing 2020

  • 9 मार्च 2020 : होलिका दहन मुहूर्त- 6:22 से 8:49 बजे शाम
  • 10 मार्च 2020 : रंगवाली होली
  • 3 march 2020:- 3 मार्च को अष्टमी बरसाना में लड्डू मार होली खेली जाएगी , बरसाना में लड्डू होली सबसे पहले खेली जाती है।
  • 4 March 2020 :– 4  मार्च को बरसाना में लठमार होली का आयोजन किया जाएगा जो की बहुत हीं famous होली है अगर आप मथुरा जाते हैं तो बरसाना जाना न भूलें ।
  • 5 March 2020 :– 5 मार्च को 10 वीं  के दिन नंदगाँव लठमार होली खेली जाती है यह भी बहुत ज्यादा famous होली है जो पुरे नंदगाँव में खेली जाती है । 5 मार्च  को हीं गांव रावल में लठमार और रंग होली खेली जाएगी ।
  • 6 March 2020 :– 6 मार्च को श्री कृष्ण जन्म भूमि और सही बांके बिहारी मंदिर पर सांस्कृतिक कार्यक्रम होगा और होली उत्सव मनाया जायेगा ।
  • 7 March 2020 :–  7 मार्च को गोकुल में छड़ी मार होली का आयोजन किया जायेगा ।
  • 9 March 2020 :– 9 मार्च को गांव फालेन में जलती होली में से पंडा  निकलता है तो इस अवसर को गंवाए नहीं । 9 मार्च  को हीं द्वारिकाधीश मंदिर में होलिका डोलानगर भ्रमण किया जायेगा ।
  • 10 March 2020 :– 10 मार्च को द्वारिकाधीश मंदिर में टेसू फूल ,अविर- गुलाल की होली खेली जाती है और सम्पूर्ण मथुरा जनपद क्षेत्र में अबीर-गुलाल की होली खेली जाती है ।
  • 11 मार्च 2020 बलदेव में दाऊजी का हुरंगा , 11 मार्च को हीं गांव मुखराई में चरकुला नृत्य/सांस्कृतिक कार्यक्रम और गांव जाब (नंदगांव) में हुरंगा ।
  • 12 March 2020 :– गांव बठैन गिडोह में हुरंगा ।

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