Haridwar Religious place in uttarakhand

Haridwar दिल्ली से लगभग 225 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। ये देवभूमि Uttarakhand के प्रमुख तीर्थस्थलों में से एक है ।

आज हम Haridwarका भ्रमण करेंगे जहाँ माँ गंगा सबसे पहले पहाड़ों को छोड़ कर मैदानी क्षेत्र में प्रवेश करती है हरिद्वार का अर्थ है “हरी का द्वार” ।

Haridwar in Uttarakhand  Religious places
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ये देवभूमि यहाँ रोज़ हज़ारो की संख्या में देश के कोने कोने से श्रद्धालु आते हैं पर माँ गंगा के दर्शन और स्नान के बाद अपने जन्म जन्म के पापों से मुक्त हो जाते है ।

Haridwar का निकटतम एयरपोर्ट देहरादून का है जो Haridwarसे 37 km की दूरी पर है ,Haridwar रेल और रोड दोनों हीं  माध्यमों से पूरी तरहसे देश के कोने कोने से जुड़ा हुआ है।

Haridwarका रेलवे स्टेशन बहुत छोटा है लेकिन साफ सुथरा और खूबसूरत है हरिद्वार के  रेलवे  स्टेशन से गंगा घाट हर की पौड़ी (har ki paudi ) लगभग 2 -3 km तक की दूरी पर है जो की आप चाहें तो पैदल हीं जा सकते हैं या इ -रिक्शा या ऑटो भी कर सकते हैं ।

भारतीय पौराणिक कथाओ के अनुसार समुन्द्र मंथन के बाद निकले अमृत को जब भगवन विश्वकर्मा राक्षशो से बचाकर ले जा रहे थे तो उसकी कुछ बूंदे धरती पर गिर गयी थी, और जहाँ जहाँ वो बूंदे गिरी वो जगह पवित्र हो गई. उसी अमृत की कुछ बूंदे Haridwarमें भी गिरी और जिस जगह वो गिरी उस जगह को आज हम हर की पौड़ी  (har ki paudi ) कहते है, जिसके कारण   हर 12 वें साल यहाँ महाकुम्भ का आयोजन किया जाता हैं महाकुम्भ के दौरान पूरी दुनिया से करोड़ो की संख्या में हिन्दू तीर्थयात्री यहाँ स्नान करने आते हैं ।

हर की पौड़ी  हरिद्वार  ( har ki paudi haridwar )

जहाँ तक बात करें घूमने की तो यहाँ पर सबसे महत्वपूर्ण स्थान हैं हर की पौड़ी ( har ki paudi) ।

यहाँ गंगा नदी के किनारे गंगा मंदिर के सीढ़ियों के ठीक नीचे बने घाट को हर की पौड़ी( har ki paudi )कहा जाता हैं । यहाँ शाम को माँ गंगा की आरती होती हैं । इसे देखना दूसरे हीं आध्यात्मिक दुनिया में जाने जैसा हैं शाम को सूर्यअस्त के समय यह आरती होती है । तो आप आरती देखने के लिए समय से काफी पहले पहुँच जाएँ क्योंकि आरती देखने के लिए बीच में गंगा नदी बहती है तो उसके दूसरे side में अगर आप बैठ के आरती देखेंगे तो आप ज्यादा हीं बेहतर और खूबसूरत तरीके से आरती देख पाएंगे जब भीड़ बढ़ जाती है तो वहां जाने का रास्ता बंद कर दिया जाता है । अगर आप आरती देखना चाहते हैं तो   1 -2    घंटे पहले से वहां बैठ जाएं  आरती के समय वहां इतनी भीड़ होती है कि मनो घाट पर पूरा हरिद्वार आ कर बैठ गया है ।

Haridwar in Uttarakhand  Religious places
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हर कि पौड़ी (har ki paudi )में पानी की धारा व्यवस्थित की गयी है ये गंगा नदी की मुख्य धारा से काट कर इसे अलग से लाया जाता है हर की पौड़ी  के घाट को  ब्रह्म कुंड घाट (brahma kund ghat) भी कहते हैं ।

History of Har Ki Paudi Haridwar (हर की पौड़ी  हरिद्वार का इतिहास या मान्यता )

इस स्थान का निर्माण राजा विक्रमादित्य द्वारा करवाया गया था | राजा ने अपने भाई ब्रिथारी (भर्तृहरि) की याद में इस घाट को बनवाया गया था | भर्तृहरि गंगा नदी के घाट पर बैठकर लम्बे समय तक  ध्यान किया करते थे। ऐसा माना जाता है कि राजा श्वेत ने हर की पौड़ी पर ही भगवान् ब्रह्मा की पूजा की थी। उनकी पूजा से खुश होकर ब्रह्मा जी उनके सामने प्रकट हुए और उनसे मनोवांछित वर मांगने को कहा। तब राजा ने  भगवान् ब्रह्मा से यह वरदान माँगा कि इस स्थान को भगवान् के नाम से ही जाना जाए। ब्रह्मा जी ने राजा को इच्छित वर प्रदान किया और तभी से हर की पौड़ी (har ki paudi ) को ब्रह्म कुंड (brahma kund ghat)  के नाम से भी जाना जाता है।

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हर की पौड़ी घाट (har ki paudi ghat)  वो जगह है जहां पर गंगा नदी पहाड़ो से निकल कर मैदानी हिस्से में प्रवेश करती है । इस स्थान पर कहा जाता है । भगवन श्री हरी के चरण निशान एक पत्थर पर मिले थे जो की यंहा स्नान करने पर मोक्ष की प्राप्ति की बात का समर्थन करते है । असल में इस घाट से असली गंगा नदी नहीं निकलती केवल उसका जल एक नाहर के द्वारा यंहा से निकाला जाता है, फिर जल वही पवित्र गंगा नदी का होता है इसलिए सभी श्रद्धालु और साधू संत यंही स्नान कर मोक्ष प्राप्ति की कामना और अपने पाप को धोते है ।

How To Reach Haridwar ( हरिद्वार कैसे पहुंचे )

आमतौर पर लोग Haridwar से यात्रा आरंभ करते हैं। Haridwar दिल्ली से लगभग 225 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। दिल्ली व हरिद्वार, Tour plans उपलब्ध हैं। दिल्ली से हरिद्वार के लिए आप चाहे तो ट्रेन Train , Busसे भी जा सकते हैं। जहां Private Taxi , Uttarakhand Roadways की Bus भी आसानी से उपलब्ध हो जाती है, जिसका लाभ पर्यटक आसानी से उठा सकते हैं।

Where To Stay in Haridwar ( हरिद्वार में कहाँ रुकें )

यहां उत्तरांचल सरकार ने Tourist के लिए guest house बनाए है । Touristअपने बजट के हिसाब से ठहरने के स्थान का चयन कर सकते हैं। धर्मशाला और कई सारी hotel भी उपलब्ध है। यह एक धार्मिक स्थल होने के कारण यहां शाकाहारी भोजन ही मिलता है।

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